पर्यावरण संरक्षण और सादगी की मिसाल: ई-बस से कैबिनेट बैठक करने पहुंचे सीएम डॉ. यादव और मंत्री

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संदेश दिया है। रविवार को भोपाल के जगदीशपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री और उनके सभी मंत्री वीआईपी गाड़ियों का काफिला छोड़कर इलेक्ट्रिक बस (ई-बस) से रवाना हुए।
सरकारी खर्च और ईंधन की बचत का बड़ा संदेश
सुशासन और सादगी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद पहल करते हुए अपने सरकारी वाहन और सुरक्षा काफिले को सीएम हाउस में ही छोड़ दिया। रविवार सुबह सभी मंत्री और उनका स्टाफ मुख्यमंत्री निवास पर इकट्ठा हुआ, जहाँ से वे तीन ई-बसों में बैठकर बैठक स्थल के लिए रवाना हुए। इस दौरान मंत्रियों की व्यक्तिगत गाड़ियाँ और पायलट-फॉलो वाहन भी सीएम हाउस में ही रोक दिए गए थे।
केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने वाले तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी अपनी कारों को छोड़कर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर से एक सामूहिक ई-बस में सवार होकर जगदीशपुर पहुंचे। प्रशासन के हर स्तर पर फिजूलखर्ची रोकने और सादगी अपनाने की मुख्यमंत्री की यह सोच काफी चर्चा में है।
रास्ते भर हुआ स्वागत, जनता में दिखा भारी उत्साह
जब मुख्यमंत्री और मंत्रियों से भरी ई-बसें भोपाल की सड़कों पर निकलीं, तो आम जनता में इसे लेकर खासा कौतूहल और उत्साह देखा गया। मार्ग में पातरा पुल, लांबाखेड़ा और जगदीशपुर प्रवेश द्वार सहित कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने बसों पर फूल बरसाकर इस पहल की सराहना की। जगदीशपुर पहुंचने पर स्थानीय विधायक विष्णु खत्री ने तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
जगदीशपुर दुर्ग में धरोहर प्रदर्शनी की शुरुआत
जगदीशपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वहाँ के ऐतिहासिक दुर्ग में लगाई गई एक विशेष धरोहर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और उसका अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के जनजातीय नायकों, देश के महान राष्ट्रभक्तों और सुशासन के प्रतीक रहे शासकों के शौर्य को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहाँ मौजूद जनजातीय कलाकारों से बातचीत कर उनका हौसला भी बढ़ाया।
















