बस्तर का नाम रोशन : भूगोल शिक्षक विनायक कोहली को मिला राष्ट्रीय ‘बेस्ट टीचर’ सम्मान, कलेक्ट्रेट में कलेक्टर ने किया अभिनंदन

बस्तर। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के सामाजिक विज्ञान शिक्षक विनायक कोहली ने देश के सबसे युवा ‘बेस्ट टीचर’ का खिताब अपने नाम किया है। ऑक्सफोर्ड सईद बिजनेस स्कूल और शिव नादर फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘इंडियाज बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026’ में उन्हें भूगोल श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। इस उपलब्धि पर कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने उन्हें सम्मानित किया।
भरतनाट्यम से दी सीख, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बस्तर की छाप
सम्मान समारोह में श्री कोहली ने अपने 30 मिनट के प्रस्तुतीकरण की शुरुआत भरतनाट्यम की पारंपरिक ‘नमस्कारम’ मुद्रा से की। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को अपनी व्यक्तिगत कला और कौशल को शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ना चाहिए, जिससे अध्यापन और अधिक जीवंत हो सके।
उन्होंने बताया कि इस स्पर्धा में देशभर के 9,500 से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। तीन कठिन चरणों के बाद दिल्ली में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स के सामने प्रस्तुतिकरण के आधार पर उनका चयन हुआ। श्री कोहली ने अपनी सफलता का श्रेय बस्तर की शिल्पकला, स्थानीय परंपराओं और अपने छात्रों को दिया।
नवाचारी शिक्षण और मोबाइल निर्भरता पर विचार
विनायक कोहली ने अपने अध्यापन में शामिल कई नवाचारों को साझा किया, जिसमें छत्तीसगढ़ की पहली ‘सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला’, बस्तर आर्ट म्यूजियम कॉर्नर, रोल-प्ले, मेडिटेशन और मैपिंग गतिविधियां शामिल हैं।
बच्चों में बढ़ती स्क्रीन/मोबाइल निर्भरता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और जीन पियाजे के रचनावादी दृष्टिकोण का हवाला दिया। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अनुभवजन्य (Experiential) और खिलौना-आधारित शिक्षण को अपनाएं ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
कलेक्टर ने दिए जिले के स्कूलों में प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई ने विनायक कोहली के प्रयासों की जमकर सराहना की।
भूगोल प्रयोगशाला: कलेक्टर ने जिले के सभी प्राचार्यों को अपने-अपने विद्यालयों में भूगोल प्रयोगशालाएं विकसित करने के आदेश दिए।
शिक्षकों के लिए कार्यशाला: सामाजिक विज्ञान, भूगोल, इतिहास और कला के शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जहाँ विनायक कोहली अन्य शिक्षकों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में श्री कोहली ने वन मंत्री केदार कश्यप, जिला प्रशासन और केंद्रीय विद्यालय संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया।
















