छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट : 44 डिग्री तक जा सकता है पारा, लू का खतरा बढ़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में सूर्य के कड़े तेवर ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उत्तर-बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़ दें, तो प्रदेश के शेष हिस्से इस समय भीषण तपिश की चपेट में हैं। राजनांदगांव में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 43 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि राजधानी रायपुर और बिलासपुर में भी तापमान 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
लू के थपेड़ों से सड़कें हुईं सूनी
उत्तर-पश्चिम की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने प्रदेश में ‘लू’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। दोपहर होते ही तेज धूप और तपिश के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लोग खुद को धूप से बचाने के लिए चेहरे को कपड़ों से ढंकने और हेलमेट व चश्मों का सहारा ले रहे हैं।
तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में बन रहे एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन (प्रति चक्रवातीय सिस्टम) की वजह से गर्मी का प्रभाव और गहराएगा। अगले 72 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि होने की प्रबल आशंका है।
प्रमुख आंकड़े और पूर्वानुमान:
राजनांदगांव: 43°C+ (वर्तमान)
रायपुर/बिलासपुर: 42°C (वर्तमान)
संभावित अधिकतम तापमान: 44°C (अगले 3 दिनों में)
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
बढ़ती गर्मी और हीट वेव की संभावना को देखते हुए विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं:
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच: जितना संभव हो, सीधे धूप में निकलने से बचें।
हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी न होने दें; पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें।
सावधानी: यदि बाहर निकलना अनिवार्य हो, तो सूती कपड़े पहनें और सिर को ढंक कर रखें।
आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए काफी भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि फिलहाल राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
















