पीएम मोदी से मिले सीएम साय : ‘बस्तर विजन’ और छत्तीसगढ़ के नए विकास मॉडल पर हुई मैराथन चर्चा

नई दिल्ली (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक के दौरान सीएम साय ने राज्य की बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं, औद्योगिक प्रगति और विशेष रूप से ‘बस्तर विजन’ पर एक विस्तृत कार्ययोजना प्रधानमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य की तीन बड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति और वित्तीय सहायता देने का अनुरोध भी किया।
प्रमुख मांगें: यूरिया प्लांट, पावर ग्रिड और आयुर्वेद संस्थान
₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना: राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस-आधारित यूरिया संयंत्र के लिए आवश्यक भूमि एवं राज्यस्तरीय अनुमतियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम ने केंद्र से इसे त्वरित मंजूरी देने का आग्रह किया, जिससे राज्य और आसपास के किसानों को खाद की सुलभ उपलब्धता हो सके।
461 गांवों का विद्युतीकरण: बस्तर के अत्यंत संवेदनशील और सुदूर क्षेत्रों के 461 गांव, जो अब तक ऑफ-ग्रिड बिजली पर निर्भर हैं, उन्हें स्थायी राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष केंद्रीय मदद मांगी गई।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA): रायपुर या बस्तर में राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जिससे क्षेत्र की समृद्ध जड़ी-बूटी विरासत का शोध और स्थानीय अर्थव्यवस्था में उपयोग हो सके।
‘बस्तर विजन’: हिंसा से विकास और बदलाव की ओर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर के 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाएं सीधी पहुंच रही हैं।
शिक्षा का पुनरुद्धार: नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही है।
स्वास्थ्य जांच अभियान: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक नागरिकों का मेडिकल चेकअप किया जा चुका है।
कनेक्टिविटी व सिंचाई: ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेललाइन, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती नदी पर बैराज परियोजना (32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता) से बस्तर का ढांचा बदल रहा है।
खेल और संस्कृति: हाल ही में आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक’ में 4 लाख से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया। वहीं बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने के प्रयास जारी हैं।
₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और टेक-गवर्नेंस
औद्योगिक क्रांति: नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, गारमेंट, और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: नीति आयोग के ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स’ में छत्तीसगढ़ को देश में पहला स्थान मिला है। राज्य ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ के जरिए नियम-प्रक्रियाएं सरल की हैं।
₹500 करोड़ का AI मिशन: छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एआई मिशन चला रहा है। इसके साथ ही ‘सेवा सेतु पोर्टल’ पर 528 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं।
10.42 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, 2027 सम्मेलन के लिए पीएम को न्योता
महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य ने लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 10.42 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर (लखपति दीदी) बनाया है, और अब 14 लाख अन्य महिलाओं को इस दायरे में लाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण दिया।
















