देश-विदेश

इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक संवाद : शांति की ओर बढ़ते कदम

वॉशिंगटन (एजेंसी)। वॉशिंगटन से आई ताजा खबरों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच दशकों बाद शुरू हो रही सीधी बातचीत का पुरजोर स्वागत किया है। यह कूटनीतिक पहल पिछले 34 वर्षों में दोनों देशों के बीच होने वाला अपनी तरह का पहला उच्च स्तरीय प्रयास माना जा रहा है।

ट्रंप का सोशल मीडिया संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने खुशी जताते हुए लिखा कि लंबे समय के अंतराल (करीब 34 साल) के बाद दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बातचीत होने जा रही है। ट्रंप ने इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया, हालांकि उन्होंने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस वार्ता में कौन-कौन से प्रतिनिधि शामिल होंगे।

ईरान और सीजफायर पर अमेरिका का रुख

हाल के घटनाक्रमों के बीच अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है:

सीजफायर का दायरा: अमेरिका ने साफ किया है कि ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता और हालिया युद्धविराम का इजरायल-लेबनान सीमा विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं है।

भ्रम का निवारण: ईरान ने दावा किया था कि लेबनान पर इजरायल के हमले सीजफायर का उल्लंघन हैं, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, लेबनान उस विशेष समझौते का हिस्सा नहीं था।

लक्ष्य: व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान के साथ शांति प्रक्रिया को अलग रखते हुए लेबनान की सीमा पर हो रही हिंसा को समाप्त करना चाहते हैं।

मध्यस्थ के रूप में अमेरिका की भूमिका

इजरायल की उत्तरी सीमा पर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए वॉशिंगटन काफी सक्रिय है। इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है।

“अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर लेबनान में सीजफायर की मांग ईरान वार्ता के तहत नहीं की थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप दोनों देशों के बीच किसी भी ऐसे समझौते का स्वागत करेंगे जो शत्रुता को समाप्त कर शांति का मार्ग प्रशस्त करे।”

भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुर्लभ सीधी बातचीत न केवल वर्तमान तनाव को कम करेगी, बल्कि आने वाले समय में मध्य पूर्व में एक बड़े और स्थायी शांति समझौते की नींव भी रख सकती है। अमेरिका इस समय इजरायल की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button