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ईरान-अमेरिका तनाव : हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का प्रभाव

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य और आर्थिक गतिरोध पर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का जोखिम नहीं उठा सकता, क्योंकि ऐसा करने पर उसे हर दिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान होगा।

आर्थिक और कूटनीतिक दबाव

ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि ईरान केवल अपनी ‘साख बचाने’ के लिए जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दे रहा है, जबकि असलियत में वह अपनी आय के स्रोत को सुरक्षित रखना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने क्षेत्र की पूरी तरह से घेराबंदी कर रखी है। राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान इस मार्ग को खुला रखने के लिए बेताब है, लेकिन अमेरिका किसी भी समझौते से पहले अपनी शर्तों पर अडिग है।

‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ की सफलता का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले वर्ष (22 जून, 2025) ईरान के खिलाफ किए गए गुप्त सैन्य अभियान, ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’, की सराहना की। इस अभियान से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

निशाना: ईरान के तीन प्रमुख परमाणु केंद्र—फोर्डो, नतंज और इस्फहान।

सैन्य शक्ति: इस हमले में 7 बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक, 125 से अधिक लड़ाकू विमान (F-35 और F-22) और 30 टॉमहॉक मिसाइलों का उपयोग किया गया।

बंकर बस्टर का प्रयोग: पहली बार युद्ध में 30,000 पाउंड वजनी ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल कर परमाणु स्थलों को गहराई तक नष्ट किया गया।

प्रमुख परिणाम और वर्तमान स्थिति

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और उपग्रह से प्राप्त चित्रों के आधार पर यह माना जा रहा है कि इन हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को कम से कम दो साल पीछे धकेल दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी ‘स्पेस फोर्स’ अब भी इन तबाह हो चुके स्थलों की हर पल निगरानी कर रही है।

उन्होंने घरेलू राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों और मीडिया को इस सफल सैन्य अभियान की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इसने एक बड़े खतरे को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है।

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