एमपी विधानसभा से यूसीसी बिल को हरी झंडी : जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच पारित हुआ विधेयक

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार का दिन काफी गहमागहमी भरा रहा, जहाँ भारी विरोध और विपक्ष के शोर-शराबे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को पारित कर दिया गया। सदन के पटल पर विधेयक पेश होते ही सत्तापक्ष और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और सीधे पटल पर अपनी बात रखने की अपील की, लेकिन विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।
‘तुष्टीकरण की राजनीति बंद हो’: मुख्यमंत्री मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि:
समानता का अधिकार: यूसीसी लागू होने से राज्य में किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होगा।
संविधान का सम्मान: यदि कांग्रेस संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर का सम्मान करती है, तो उसे इस बिल का समर्थन करना चाहिए था।
चौथा राज्य: उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्यप्रदेश देश का चौथा राज्य बन गया है जो यूसीसी अपना रहा है।
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायक लगातार विरोध दर्ज कराते रहे, जिस पर सीएम ने कहा कि यह बिल केवल कानून नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
बिल की मुख्य बातें और नए प्रावधान
प्रमुख प्रावधान,विवरण
विवाह पंजीकरण,राज्य में होने वाली सभी शादियों का सरकारी रजिस्ट्रेशन mandatory (अनिवार्य) होगा। पंजीकरण न कराने पर जुर्माना लगेगा।
पुनर्विवाह पर रोक,पहले जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरा विवाह पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक परंपराएं,”नागरिकों के व्यक्तिगत, सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाज पहले की तरह बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की 93% जनता ने यूसीसी का समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून समाज के हर वर्ग को एक समान सुरक्षा और अधिकार प्रदान करेगा।
















