NEET धांधली मामला : शीर्ष अदालत ने केंद्र से मांगी परीक्षा में बदलाव की विस्तृत योजना

नई दिल्ली (एजेंसी)। नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवादों और याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने कहा कि इन सभी सुधारों की निगरानी सर्वोच्च स्तर पर की जा रही है।
सरकार का रुख: छात्रों का हित सर्वोपरि
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अभ्यर्थियों और बच्चों का भविष्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि:
परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए राधाकृष्णन समिति की सभी सिफारिशों को अमल में लाया जा रहा है।
प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, उनके सुरक्षित परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने की पूरी व्यवस्था का ब्योरा कोर्ट को सौंपा जाएगा।
आगामी दिनों में सरकार एक विस्तृत हलफनामा दायर करेगी, जिसमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), डेटा सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी तैयारियों का खाका होगा।
सुप्रीम कोर्ट के अहम सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति साफ करने को कहा:
कंप्यूटर आधारित परीक्षा: क्या भविष्य में NEET परीक्षा को पूरी तरह से ऑनलाइन/कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित किया जा सकता है?
डेटा एवं साइबर सुरक्षा: परीक्षा डेटा की सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं, इसके लिए कौन जवाबदेह होगा और निगरानी किस तंत्र के जरिए होगी?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इन सभी सवालों पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
















