नशे से दूर रहकर युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं : राज्यपाल डेका

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में बीते एक महीने से संचालित ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ जागरूकता अभियान का समापन हो गया। इस समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा किसी भी देश की वास्तविक ताकत और भविष्य होते हैं। उनका सही मार्गदर्शन और उन्हें नशे की लत से बचाना पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त को शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को देश के विकास से जोड़ना है। राज्यपाल ने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल पारंपरिक पदार्थों के अलावा सूखे नशे और डिजिटल लत का प्रसार बढ़ रहा है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को अपराधी मानने के बजाय उनके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए और उन्हें सही परामर्श (काउंसलिंग) व इलाज मुहैया कराना चाहिए। जीवन की कठिन परिस्थितियों, असफलता के डर या करियर के तनाव से भागने के लिए नशे का सहारा लेना गलत है, बल्कि अनुशासित दिनचर्या और पठन-पाठन से इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस आश्रम (हैदराबाद) के संचालक त्रिलोचन चावला ने विद्यार्थियों को नशे के मनोवैज्ञानिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया और नशामुक्त रहने का संकल्प दिलाया। कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने स्वागत भाषण में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने अभियान की प्रतियोगिताओं के विजेताओं और राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर राजीव चौधरी को पुरस्कृत किया। साथ ही, रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए रेडक्रॉस और रोटरी क्लब के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
















