जनजातीय संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती के अवसर पर आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रीय सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय विरासत, लोक कलाओं और स्थानीय युवाओं के कौशल को निखारने के लिए विशेष योजनाएं बनाएगी।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें:
आलीराजपुर का सर्वांगीण विकास: मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प जताया और बताया कि जल्द ही झाबुआ एवं आलीराजपुर जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों में राज्य कैबिनेट की बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि जमीनी स्तर पर जनकल्याणकारी निर्णय लिए जा सकें।
डिजिटल मीडिया का सकारात्मक उपयोग: इन्फ्लूएंसर्स को संबोधित करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने और प्राकृतिक खेती, पर्यटन तथा स्थानीय उत्पादों की सफलता की कहानियों को दुनिया के सामने लाने का एक मजबूत माध्यम है।
किसानों और स्थानीय कृषि को प्रोत्साहन: संवाद के दौरान उड़द की फसल को ‘जीआई टैग’ (GI Tag) दिलाने की माँग पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि उड़द उत्पादक किसानों को राज्य सरकार द्वारा 600 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: पारंपरिक भगोरिया उत्सव और पिथौरा कला जैसी समृद्ध जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक कदम: मुख्यमंत्री ने ‘लाड़ली बहना’ और ‘लाड़ली लक्ष्मी’ योजनाओं का उल्लेख करते हुए महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हाल ही में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) का उद्देश्य भी महिला कल्याण को मजबूती प्रदान करना है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कला, कृषि और समाजसेवा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों से सराहनीय कार्य कर रहे युवाओं को सम्मानित किया और उनसे प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
















