टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में निवेश के लिए दक्षिण भारत से लेंगे सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश में तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT), डीपटेक और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इसी रणनीति के तहत ग्वालियर में बनने वाले ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन’ (TMZ) को गति देने के लिए दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों से सहयोग लेने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में संवाद के दौरान बताया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों के लिए ग्वालियर का यह प्रोजेक्ट प्राथमिकताओं में शामिल है।
बेंगलुरु में रोड-शो का आयोजन
ग्वालियर टेलीकॉम जोन की संभावनाओं को बड़े निवेशकों तक पहुँचाने के लिए सरकार व्यापक अभियान चला रही है। इससे पहले नई दिल्ली और मुंबई में सफल निवेशक सम्मेलन (इन्वेस्टमेंट रोड-शो) आयोजित किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में तीसरा प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहाँ दक्षिण भारत के दिग्गजों और टेक-निवेशकों के साथ सीधा संवाद होगा। मुख्यमंत्री को उम्मीद है कि अन्य उद्योगों की तरह टेलीकॉम क्षेत्र में भी दक्षिण भारत से सकारात्मक प्रतिक्रिया और बड़ा निवेश मिलेगा।
प्रदेश भर में औद्योगिक क्लस्टर का विस्तार
राज्य सरकार केवल बड़े महानगरों तक सीमित न रहकर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों के आसपास औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित कर रही है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र: औद्योगिक विस्तार के दृष्टिकोण से बेहद अनुकूल माना जा रहा है।
इंदौर, उज्जैन, भोपाल और जबलपुर: इन शहरों के आसपास भी व्यापार और नए उद्योगों को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
रोजगार सृजन: भारी उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), लघु और कुटीर उद्योगों का दायरा बढ़ाकर हर वर्ग के लिए रोजगार के नए साधन तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश बेरोजगारी दर को नियंत्रित करने और नागरिकों को सर्वाधिक रोजगार के अवसर देने वाले राज्यों की सूची में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की यह औद्योगिक नीतियाँ युवाओं, किसानों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
















