छत्तीसगढ़ विधानसभा: शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी पर चर्चा, शिक्षा मंत्री ने कहा- ‘पढ़ाई पर नहीं पड़ा असर’

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में शिक्षकों की ड्यूटी और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गरमागरम बहस हुई। विपक्ष ने जहाँ शिक्षकों की प्रशासनिक कार्यों में तैनाती पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित नहीं हो रही है।
शिक्षकों की ड्यूटी और शिक्षा की गुणवत्ता
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने निर्वाचन संबंधी ‘स्पेशल इंटेसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का मामला उठाया। उन्होंने चिंता जताई कि इस गैर-शैक्षणिक कार्य से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने निम्नलिखित बिंदु रखे:
कुल संख्या: वर्तमान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य (SIR) में 18,198 शिक्षक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
कार्य प्रणाली: मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये शिक्षक अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्थाओं में रहते हुए ही यह कार्य कर रहे हैं।
पढ़ाई का स्तर: उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रक्रिया से छात्रों की नियमित कक्षाओं और पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
सदन में गूँजे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
बुधवार की कार्यवाही के दौरान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अन्य विषयों पर भी मंत्रियों को घेरा गया:
मुद्दा, विधायक , सरकार का पक्ष
ऑक्सीजोन निर्माण,धर्मजीत सिंह,”डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि बिलासपुर को हरा-भरा बनाने के लिए उद्यानों का निर्माण जारी है, लेकिन वर्तमान में स्मार्ट सिटी के तहत ऑक्सीजोन का कोई नया प्रस्ताव नहीं है।”
जल जीवन मिशन,संगीता सिन्हा,बालोद में घटिया काम की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि गुणवत्ताहीन कार्य की जानकारी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिग वर्कर्स,अजय चंद्राकर,”मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियाँ श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, जिसके कारण इन कर्मचारियों की भर्ती और योग्यता का कोई निश्चित रिकॉर्ड सरकार के पास नहीं है।”
इसके अलावा सदन में नशाखोरी, अवैध शराब की तस्करी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा की गई।
















