छत्तीसगढ़ विधानसभा : बजट पर चर्चा आज, सदन में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन आज सदन की कार्यवाही काफी गहमागहमी भरी रहने वाली है। आज से मुख्य रूप से बजट प्रस्तावों पर चर्चा की शुरुआत होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
आज की कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
प्रश्नकाल: आज सदन में उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री गुरु खुशवंत अपने विभागों से संबंधित विधायकों के तीखे सवालों का जवाब देंगे।
दस्तावेज प्रस्तुतीकरण: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिवेदनों और पत्रों को पटल पर रखेंगे।
ध्यानाकर्षण सूचना: विधायक सुनील सोनी और अंबिका मरकाम लोक महत्व के विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।
समिति निर्वाचन: वित्त मंत्री ओपी चौधरी और मंत्री रामविचार नेताम विभिन्न विभागीय समितियों, विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण समितियों के निर्वाचन की प्रक्रिया प्रस्तुत करेंगे।
तीसरे दिन की बड़ी बातें: CSR और सुरक्षा पर हुआ हंगामा
सत्र के तीसरे दिन सदन में विपक्ष काफी आक्रामक नजर आया। प्रमुख विवाद CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के उपयोग को लेकर हुआ:
कलेक्टर की भूमिका पर सवाल: कांग्रेस विधायकों ने सीएसआर फंड के आवंटन में पक्षपात का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि मंत्री अपने जिला कलेक्टर्स को निर्देशित करने में असमर्थ हैं, तो पद की गरिमा का क्या अर्थ रह जाता है।
नशे के विरुद्ध घेराबंदी: सत्ता पक्ष के ही विधायक अजय चंद्राकर और धरम लाल कौशिक ने राज्य में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार पर चिंता जताई। हालांकि, गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन की विफलता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
गिग वर्करों का भविष्य: स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले ‘गिग वर्करों’ के अधिकारों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सदन में यह सवाल उठा कि क्या इन श्रमिकों को संगठित क्षेत्र में शामिल कर सरकार उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
















