महिला नेतृत्व का नया युग : नारी शक्ति वंदन अधिनियम से सशक्त होती भारतीय महिलाएं

भोपाल (एजेंसी)। उज्जैन में आयोजित एक भव्य ‘नारी शक्ति सम्मेलन’ के दौरान मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री, सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून केवल कागजी बदलाव नहीं, बल्कि देश की नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक ‘मील का पत्थर’ है।
संसदीय प्रतिनिधित्व में बढ़ेगी महिलाओं की धमक
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का द्वार खोलता है। इससे न केवल विधायी कार्यों में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि नेतृत्व क्षमता को भी नई मजबूती मिलेगी।
“अब देश के भविष्य और कानून निर्माण की प्रक्रिया में मातृशक्ति की भूमिका पहले से कहीं अधिक प्रभावी और निर्णायक होगी।”
— सुश्री निर्मला भूरिया, मंत्री
जागरूकता अभियान और सामाजिक परिवर्तन
मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के निर्देशन में पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर महिला को उसके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत करना है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव ने इस कदम को ‘युगांतरकारी’ करार दिया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं और इस नए कानून की जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रमुख गतिविधियां और सम्मान
सम्मेलन के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:
मेधावी सम्मान: मंत्री सुश्री भूरिया और श्रीमती यादव ने मेरिट में स्थान पाने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जागरूकता रैली: कार्यक्रम का समापन एक विशाल रैली के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया।
पैदल मार्च: उत्साहवर्धन के लिए सुश्री निर्मला भूरिया और श्रीमती कलावती यादव ने खुद भी महिलाओं के साथ पथ संचलन (मार्च) किया, जो महिला एकजुटता का प्रतीक बना।
इस विशाल आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से आई प्रभावशाली महिलाएं सम्मिलित हुईं, जिन्होंने एकजुट होकर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराया।
















