भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती लागत बनी वजह : इंडिगो रोकेगी वाइड-बॉडी विमानों का संचालन

नई दिल्ली (एजेंसी)। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और परिचालन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) ने अपने वाइड-बॉडी (बड़े) विमान संचालन को स्थगित करने का फैसला लिया है। यह फैसला 25 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही नॉर्स अटलांटिक एयरवेज (Norse Atlantic Airways) के साथ एयरलाइन का ‘डैम्प लीज’ समझौता भी इसी अवधि में समाप्त हो जाएगा।
रूट और बेड़े में बड़े बदलाव
मुंबई-एम्स्टर्डम मार्ग: वर्तमान में डैम्प लीज पर चल रहे Boeing 787-9 विमानों का स्थान अब Airbus A321XLR विमान लेंगे।
लंदन (हीथ्रो) सेवा: लंदन जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से तब तक के लिए रोक दिया गया है, जब तक कि कंपनी को उसके द्वारा ऑर्डर किए गए Airbus A350-900 विमान प्राप्त नहीं हो जाते।
पृष्ठभूमि: इंडिगो ने लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वर्ष 2025 की शुरुआत में नॉर्स अटलांटिक के साथ छह Boeing 787-9 विमानों का डैम्प लीज समझौता किया था।
किन कारणों से लिया गया फैसला?
इंडिगो के अनुसार, समझौते के बाद से परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। निम्नलिखित कारणों से इस प्रोजेक्ट की आर्थिक साध्यता (Economic Viability) प्रभावित हुई है:
हवाई क्षेत्र (Airspace) पर पाबंदियां: कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स का प्रभावित होना।
ईंधन और विनिमय दर का दबाव: एटीएफ की बढ़ती कीमतें और मुद्रा दर में उतार-चढ़ाव।
लागत में भारी इजाफा: बढ़ता परिचालन खर्च, जिससे उड़ानों के शेड्यूल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ा।
भविष्य की योजना और यात्रियों को राहत
इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (प्लैनिंग एंड रेवेन्यू मैनेजमेंट) अभिजीत दासगुप्ता ने कहा कि मौजूदा दौर में संसाधनों का सही और विवेकपूर्ण इस्तेमाल जरूरी है। हालांकि, एयरलाइन लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाजार में अपनी उपस्थिति विस्तार करने की रणनीति पर कायम रहेगी।
यात्रियों के लिए ध्यान देने योग्य बात: जिन यात्रियों की बुकिंग इस बदलाव के कारण प्रभावित होगी, उन्हें एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक फ्लाइट्स या नियमों के तहत पूरा रिफंड दिया जाएगा।
















