मध्यप्रदेश

इंदौर में रचा इतिहास : मालवांचल यूनिवर्सिटी के योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक जुटे, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल (एजेंसी)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय द्वारा देशव्यापी काउंटडाउन कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। इसी कड़ी में इंदौर के नेमावर रोड स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में एक भव्य सामूहिक योग महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में मालवांचल, इंडेक्स और अमलतास समूह के 35,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और नागरिकों ने एक साथ योग अभ्यास कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया।

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने और सामूहिक योग करने के लिए प्रधानमंत्री के योगगुरू व एस. व्यासा यूनिवर्सिटी के कुलगुरू पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेन्द्र विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा व आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और संस्थान के निदेशक सुरेश सिंह भदोरिया सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मालवांचल यूनिवर्सिटी के प्रमुख श्री भदोरिया को विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी सौंपा।

मुख्य आकर्षण और विशिष्ट बातें

प्राचार्य श्रीमती रेशमा खुराना के अनुसार, इस महोत्सव को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरे परिसर को 11 अलग-अलग जोन में बांटा गया था, जहाँ हजारों विद्यार्थियों ने एक लय में योग किया।

इस वर्ष की विशेष थीम: वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) की थीम तय की गई है, जो बढ़ती उम्र में भी शारीरिक-मानसिक सक्रियता बनाए रखने पर केंद्रित है।

योग केवल व्यायाम नहीं, एक जीवन शैली: डॉ. नागेन्द्र

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण आज योग वैश्विक स्तर पर स्थापित हो चुका है। भारत में लगभग 30 करोड़ लोग योग से जुड़ चुके हैं। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता की सराहना करते हुए आह्वान किया कि पूरे मध्य प्रदेश को योगमय बनाना है और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में योग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग मात्र शारीरिक आसन नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की एक समृद्ध जीवन पद्धति है।

वैश्विक मंच पर योग का बढ़ता प्रभाव

वैश्विक भागीदारी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2015 से शुरू हुआ यह अभियान अब दुनिया के 190 से अधिक देशों तक पहुँच चुका है।

प्रधानमंत्री का संदेश: आयोजन के अवसर पर प्रधानमंत्री के संदेश को साझा किया गया, जिसमें उन्होंने योग को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार बताया। यह शरीर को निरोगी रखने के साथ-साथ मन को स्थिरता और जीवन को एक सही दिशा देता है।

आगामी मुख्य आयोजन: इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य और सबसे बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।

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