विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए जनहित में कड़े निर्देश

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चल रहे विभिन्न सेवा अभियानों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों से संवाद करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जन-भागीदारी और धरातल पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन से तय होगी।
जनसेवा और मैदानी सक्रियता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल मुख्यालयों तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि:
रात्रि विश्राम और भ्रमण: कलेक्टर नियमित रूप से गांवों का दौरा करें और वहां रात्रि विश्राम करें ताकि ग्रामीणों की समस्याओं को गहराई से समझा जा सके।
प्रशासनिक साख: जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ‘जनोन्मुखी प्रशासन’ की छवि मजबूत करें।
अभियानों की निरंतरता: ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 106 योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया गया है, इस गति को भविष्य में भी बनाए रखें।
कृषि और जल संरक्षण: प्राथमिकताएं
डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए। उपार्जन केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल, छाया, और ओआरएस (ORS) जैसे चिकित्सा प्रबंध अनिवार्य रूप से हों। अब तक 1.13 लाख किसानों से लगभग 4.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और भुगतान प्रक्रिया को भी त्वरित बनाया गया है।
जल गंगा संवर्धन अभियान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और जल संचयन को राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की पहचान बनाना लक्ष्य है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में नवाचार
सांदीपनि विद्यालय: मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी सांदीपनि स्कूलों के बेहतर परिणामों के कारण अब अभिभावक निजी स्कूलों को छोड़कर यहाँ बच्चों का दाखिला करा रहे हैं। उन्होंने इन स्कूलों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और ‘जीरो ड्रॉप आउट’ उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा सुविधाएं: धार्मिक पर्यटन स्थलों पर कम से कम 50 बिस्तरों वाले अस्पताल और संभागीय स्तर पर ‘बर्न यूनिट्स’ स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
पेयजल: गर्मी के दौरान निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहाँ आवश्यकता हो, वहां टैंकरों के माध्यम से व्यवस्था की जाए।
ज्ञान भारतम ऐप: पुरानी पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए इस ऐप के प्रचार-प्रसार हेतु जिला स्तरीय समितियां गठित की जाएंगी।
महिला सशक्तिकरण: आगामी 20 अप्रैल को भोपाल में एक विशाल महिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
कलेक्टरों की रैंकिंग: जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कलेक्टरों के वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैंकिंग तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में जोर देकर कहा कि सभी कलेक्टर एक टीम लीडर की भूमिका निभाएं और प्रशासन को अधिक ‘कस्टमर फ्रेंडली’ बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















