छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों की नई लहर : मुख्यमंत्री ने 430 प्रयोगशाला परिचारकों को सौंपी नियुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग में चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों (Lab Attendants) को आधिकारिक नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए शासन की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। लेख के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
पारदर्शिता और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नौकरियां देना ही नहीं, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और निष्पक्ष बनाना है। उन्होंने निम्नलिखित सुधारों का उल्लेख किया:
भर्ती सुधार: परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक बदलाव किए गए हैं।
तकनीकी एकीकरण: मंत्रालय के कामकाज को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
कड़े कानून: पेपर लीक और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानूनी ढांचे तैयार किए गए हैं।
भविष्य की योजना: भर्ती प्रक्रियाओं को नियमित करने के लिए एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ और ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन पर काम चल रहा है।
पिछली कमियों पर कार्रवाई
युवाओं के भरोसे को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पीएससी (PSC) घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
निजी क्षेत्र और औद्योगिक नीति
केवल सरकारी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सरकार नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रही है। उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं।
काउंसलिंग के जरिए पदस्थापना
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नियुक्तियों के साथ-साथ पदस्थापना (Posting) में भी पूरी पारदर्शिता बरती गई है। इसके लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सुशासन का अनुभव मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नई पीढ़ी ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की रीढ़ बनेगी।
कार्यक्रम के अंत में उच्च शिक्षा सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा दी। यह आयोजन राज्य में सशक्त और आत्मनिर्भर युवा शक्ति के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
















