उफनती माड़ीन नदी के बीच पेड़ पर अटके ग्रामीण की बची जान, 9 परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजा

रायपुर। नारायणपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच माड़ीन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तारागांव निवासी 55 वर्षीय गोपी राम पटेल बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सकुशल रेस्क्यू कर लिया। यह पूरा अभियान वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश व कलेक्टर के मार्गदर्शन में चलाया गया।
खेत में बैल खोलने गए थे, पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
मिली जानकारी के मुताबिक, गोपी राम नदी किनारे अपने खेत में बंधे मवेशी को खोलने पहुंचे थे। इसी दौरान नदी का पानी तेजी से फैल गया और वे चारों तरफ से घिर गए। जान बचाने के लिए वे पास ही एक आम के पेड़ पर चढ़ गए और कई घंटे वहीं टिके रहे। सूचना मिलते ही एसडीओपी छोटेडोंगर और जिला सेनानी (नगर सेना) के दिशा-निर्देशन तथा थाना प्रभारी धौड़ाई की अगुवाई में बचाव दल मौके पर पहुंचा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्हें धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय देखभाल व भोजन मुहैया कराया गया।
कलमानार के 9 परिवारों का सुरक्षित विस्थापन
ओरछा विकासखंड के ग्राम कलमानार में भी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियातन नदी किनारे रह रहे 9 परिवारों को सुरक्षित स्थलों और रिश्तेदारों के घर भिजवा दिया है। इन प्रभावितों की देखरेख और मूलभूत जरूरतों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
सहायता के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी
मौसम के मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को उफनते नदी-नालों और जलजमाव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की जानकारी देने के लिए जिला कंट्रोल रूम के नंबर 07781-252214 पर संपर्क किया जा सकता है।
















